पापा: (Papa)

(6 customer reviews)

250.00

कवयित्री पूजा सिंह का जन्म 1998 में, दिल्ली के एक राजपूत (क्षत्रिय) परिवार में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा (8वी तक) भागीरथी बाल शिक्षा सदन स्कूल से प्राप्त की। मैट्रिक, इंटर-मीडिएट शिक्षा (10+2) बटलर मैमोरियल गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल से प्राप्त की। स्नातक डिग्री (संस्कृत विशेष) दिल्ली विश्वविद्यालय के इंद्रप्रस्थ महिला महाविद्यालय से प्राप्त की। पाँचवी कक्षा के दौरान ही लिखने में रुचि आई तथा निरंतर अभ्यास से अनेकों कविताएँ, कहानी, शायरी लिखीं। यह पुस्तक “पापा” कवयित्री पूजा सिंह अपने स्वर्गीय पिता को समर्पित करती हैं , जिसमें कवयित्री तथा कवयित्री के परिवार की ओर से श्रद्धांजलि दी गई है। किंतु इस पुस्तक में कहीं न कहीं कवयित्री की शिकायत और नाराज़गी पापा के प्रति अधिक है कि “बिन कहे चल दिये, हम ढूँढे भी तो ढूँढे कहाँ, तस्वीर में जो छिप गये।”

Paperback edition.

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6 reviews for पापा: (Papa)

  1. Swati Kumar

    The poetess has poured her heart out in her poetry which touches the heart. A very good book of poetry.

  2. Deeksha Raj

    A beautiful collection of poems. The poet has expressed her love for her father in a beautiful manner!

  3. B.S. Kumar

    बहुत ही अच्छा कवितओं को पर के। एक अच्छा प्रयास किया है कवित्री ने अपने भावनाओं को बहोत खूबी से कविता का रूप दिया है।

  4. Vikram Kumar

    The book is an emotional tribute from the poet. The poems will resonate with any reader of any age. Well appreciated collection of poems.

  5. Priya

    Amazing poooja😃😍keep it up bro🥰😘

  6. Ritika

    Amezing well done

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